स्वरचित शिव भजन

 स्वरचित शिव भजन


मान्या भजन संग्रह की रचना


हे भोले बाबा मुझे चरणों लगा लो आए हैं दर पर तेरे..


1 कैलाश पर्वत पर तेरा बसेरा तेरा बसेरा है तेरा बसेरा हे भोले आज मेरे मंदिर विराजो.. आए हैं दर पर तेरे


2 तेरी जटा में गंगा बिराजे, गंगा विराजे हां गंगा विराजे हे भोले आज मेरे पाप धुला.. दो आए हैं दर पे तेरे


3 माथे पर तेरे चंदा की ज्योति, चंदा की ज्योति हां चंदा की ज्योति, हे भोले कर दो मेरे मन में उजाला.. आए हैं दर पे तेरे


4 तेरे गले में विषधर की माला, विषधर की माला हां विषधर की माला, हे भोला पीलो पापी हला हल.. आए हैं दर पे तेरे


5 आसन पर तेरे गौरा बिराजे, गौरा बिराजे हां गौरा विराजे हे भोले वीनू को दर्शन करा दो.. आए हैं दर पे तेरे


6 गोदी में तेरे गणपति जी बैठे गणपति जी बैठे हाँ गणपति जी बैठे हे भोले उनसे मेरे विघ्न टला दो. आए हैं दर पर तेरे


7 हे भोले तेरी नंदी सवारी, नंदी सवारी हां नंदी सवारी, मुक्ति के पथ पर हमको चला दो.. आए हैं दर पे तेरे।

 गीत लेखिका वीनू पाण्डेय 




ओरिजनल राइटर ये गीत मेरी कलम से 23/5/3020 को लिखा गया इसे सब्से पहले हमारी रेखा बहन ने अपने चैनल भजन बेला पे अपलोड किया

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